तीन साल पहले दुर्व्यवहार और लापरवाही से कार्यवाही हुआ,उसी अस्पताल में बीएमओ के पद पर मिला जिम्मेदारी,अब हो रहा है विरोध
ग्रामीणों ने लगाया था दुर्व्यवहार का आरोप
तीन साल पहले दुर्व्यवहार और लापरवाही से हुआ कार्यवाही,उसी अस्पताल में बीएमओ के पद पर मिला जिम्मेदारी,अब हो रहा है विरोध
कन्हाई राम बंजारा।अम्बिकापुर
सरगुजा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर में 28 नवम्बर को संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग डॉ.अनिल कुमार शुक्ला की जांच के बाद बीएमओ डॉ योगेंद्र पैकरा को ड्यूटी समय में नदारद होने पर उनके पद से हटा दिया गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी उदयपुर की प्रभारी बीएमओ डॉ संजीव तिग्गा को बनाने की आदेश जारी के बाद इलाके में विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है।
यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में डॉ. संजीव तिग्गा सीएचसी उदयपुर में पदस्थ थे इस समय ड्यूटी पर होते हुए भी अस्पताल से डॉ संजीव तिग्गा नदारद रहे, जबकि उनकी ड्यूटी के दौरान एक गर्भवती महिला को अस्पताल में जचकी कराने भर्ती किया गया था तब डॉ तिग्गा की लापरवाही से एक नवजात शिशु की मौत हो गई थी। मामले में स्वास्थ्य विभाग रायपुर ने संज्ञान लेकर डॉ. संजीव तिग्गा को तत्काल सस्पेंड किया था इस दौरान उनको बलरामपुर में अटैच किया गया। इसकी विभागीय जांच 3 साल तक चली। दूसरा मामला सीएचसी उदयपुर अस्पताल में दुर्व्यवहार के मामले में डॉ. संजीत तिग्गा के खिलाफ गोंगपा के द्वारा डूमरडीह गांव में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण आंदोलन कर एसडीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था।
गोंगपा जिला अध्यक्ष नवल सिंह ने कहा डॉ संजीव तिग्गा के दुर्व्यवहार से आंदोलन करना पड़ा था और उनके लापरवाही से सही उपचार नहीं होता है ऐसे डॉक्टर को अस्पताल की मुखिया बनाना कतई सही नहीं है। इसका आदिवासी समाज पूरजोर विरोध करेगा।
बीएमओ डॉ.योगेन्द्र पैकरा ने कहा अस्पताल के दो स्टाफ नर्स फुलकुंवर सिंह व प्रभामनी की सूरजपुर जिला में ट्रांसफर होने पर एक सप्ताह पहले रिजाइन दिए हैं और तीन स्टाफ नर्स व एक ड्रेसर और एक चौकीदार कुल 5 स्टाफ की नाइट ड्यूटी है। अटेंडेंस रजिस्टर में से अनुपस्थित स्टॉफ के नाम कार्यवाही की गई है। पहली बार स्पष्टीकरण जारी किए बिना कार्यवाही की आदेश जारी हुई है।




