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एसीबी के बड़ी कार्यवाही

पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर रिश्वतखोरी

 

 

रिश्वतखोरी पड़ी भारी, पासपोर्ट वेरिफिकेशन कर्मचारी को तीन साल की क्यों हुई जेल ?

  1.  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में हज यात्रियों के पासपोर्ट दस्तावेजों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) के नाम पर रिश्वत मांगने और उसे स्वीकार करते हुए पकड़े गए कनिष्ठ पासपोर्ट सहायक संकट मोचन राय को कोर्ट ने सख्त सज़ा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ममता पटेल की अदालत ने आरोपी राय को तीन वर्ष का कठोर कारावास और पाँच हजार रुपये के अर्थदंड (जुर्माना) की सज़ा दी है। आरोपी संकट मोचन राय अंबिकापुर के मुख्य डाकघर परिसर स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में पदस्थ था, जहाँ उसे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

 

 

हज यात्रियों से माँगी थी 10 हजार रुपये की रिश्वत

अतिरिक्त लोक अभियोजक विवेक सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला बलरामपुर जिले के दोलंगी निवासी इसरार हुसैन की शिकायत पर शुरू हुआ था। इसरार हुसैन ने एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने गाँव के चार अन्य साथियों – शमीम अंसारी, तुफैल अहमद, असलम अंसारी और नूरानी – के साथ हज यात्रा के लिए पासपोर्ट बनवा रहे थे।

शिकायतकर्ता ने बताया कि सभी पाँचों व्यक्तियों का ऑनलाइन फॉर्म 9 अप्रैल 2024 को भरा गया था और 24 मई को अपॉइंटमेंट मिलने पर वे पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुँचे। दस्तावेज़ों के सत्यापन के दौरान, कनिष्ठ पासपोर्ट सहायक संकट मोचन राय ने उनके कागज़ों में ‘त्रुटि’ होने की बात कहकर सभी पाँचों आवेदकों के वेरिफिकेशन के लिए कुल 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

तीन वर्ष का कठोर कारावास और आर्थिक दंड

इस पूरे मामले की गहन विवेचना एसीबी निरीक्षक शरद सिंह के नेतृत्व में की गई। विवेचना पूरी होने के बाद, 25 जुलाई 2024 को अदालत में अभियोग पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया गया।विस्तृत सुनवाई और सभी प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद, अदालत ने आरोपी संकट मोचन राय को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और पाँच हजार रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी निर्धारित अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस फैसले को सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ एक स्पष्ट और कठोर संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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